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लर्निंग बाय डूइंग’ से बदल रही पढ़ाई की तस्वीर, बच्चों को बनाया जा रहा हुनरमंद

 

बैरिया-बलिया।बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अब शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कम्पोजिट विद्यालय रानीगंज बैरिया में विज्ञान शिक्षक पंकज सिंह के मार्गदर्शन में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ पद्धति के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल ज्ञान भी दिया जा रहा है।
विद्यालय में विज्ञान विषय को रोचक एवं सरल बनाने के लिए शिक्षक पंकज सिंह बच्चों से विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियां, मॉडल निर्माण, प्रयोग एवं समूह कार्य करवा रहे हैं। इससे छात्र-छात्राओं की विषय के प्रति रुचि बढ़ रही है और वे कठिन अवधारणाओं को भी आसानी से समझ पा रहे हैं।
विद्यालय में बच्चों द्वारा जल संरक्षण, सौर ऊर्जा, मानव शरीर रचना, पर्यावरण संरक्षण सहित कई विषयों पर आकर्षक मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। शिक्षक बच्चों को केवल सिद्धांत नहीं पढ़ा रहे, बल्कि उन्हें स्वयं प्रयोग कराकर सीखने का अवसर भी दे रहे हैं। यही कारण है कि बच्चे पूरे उत्साह के साथ गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।

पंकजलर्निंग बाय डूइंग’ पद्धति से बच्चों की जिज्ञासा बढ़ती है: पंकज सिंह

विद्यालय के शिक्षक पंकज  सिंह ने बताया कि ‘लर्निंग बाय डूइंग’ पद्धति से बच्चों की जिज्ञासा बढ़ती है तथा उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित होती है। जब बच्चे स्वयं प्रयोग करते हैं तो विषय लंबे समय तक याद रहता है और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा देना समय की आवश्यकता है। विद्यालय में इसी सोच के साथ लगातार नवाचार किए जा रहे हैं ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।
अभिभावकों ने भी विद्यालय में हो रहे इस नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि अब बच्चे घर आकर भी विज्ञान के प्रयोगों और गतिविधियों के बारे में उत्साह से बताते हैं। विद्यालय का यह प्रयास क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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